अनुकरण

दुनिया में तानाशाही देशों की संख्या

वर्तमान में आधे से ज्यादा दिखती है,

आस्तीन में छिपकर बैठे नरनागों की

मनोवृत्ति नवपरिवर्तन का ढंग लिखती है।

सिर्फ एक ही लक्ष्य सभी का सत्ता खातिर

लोक हितैषी गलियारों से होकर जाना

रिपुमर्दन की रीति नीति में शामिल करके

बात-बात में घड़ियाली आँसू दिखलाना

शासकीय तकनीक मशीनी पे कब्जा कर

आत्मकीर्तन का विज्ञापन रोज कराना

नरसंहारक हथियारों का जुटा जखीरा

अत्याधुनिक प्रक्रिया की गाथा लिखती है।

सभी राष्ट्राध्यक्ष बराबर मिलते-जुलते

एक-दूसरे से अपनी पटुता बतलाते

भले न सीखें सद्कर्मों की करुण कहानी

किन्तु रहें सर्वोपरि इसका गुण सिखलाते

थिंक टैंक संग लिये निरन्तर जनसेवा रत

स्वबिचार वालों को अतिशय नेह दिखाते

अगर किसी ने किया कोई विपरीत बयानी

उसके तन मन धन ऊपर हथियार चलाते

ऐसे में हे राम कौन कब कहाँ सुरक्षित

धर्म राष्ट्र नैतिकता सत्ता सब विलगाते

संविधान की रोज दुहाई सशपथ देते

मस्त आधुनिक पीढ़ी न संयम सिखती है।।

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